छात्र विनिमय

 

अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई के विनिमय कार्यक्रम में सहभागी होने के इच्छुक विद्यार्थी को इसके लिए बहुत पहले से ही तैयारी करनी शुरू कर देनी चाहिए। भा.प्रौ.सं मुंबई ने जिस किसी संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं वहाँ पर भा.प्रौ.सं के विद्यार्थी पाठ्यक्रम कार्य और / अथवा परियोजना कार्य कर सकते हैं। छात्र विनिमय और अनुसंधान कार्य के लिए अलग-अलग योजनाएं हैं। जिनके विवरण समझौता ज्ञापन की सूची में उपलब्ध है। मेज़बान संस्थान में परियोजना/अनुसंधान कार्य के लिए गाइड खोजना विद्यार्थीयों का ही कार्य होता है। अपनी उपाधि के लिए विदेश में किए गए कार्य को यदि वे जमा कर क्रेडिट प्राप्त करना चाहते हैं तो भा.प्रौ.सं.मुंबई के परियोजना गाइड की भी सहमति लेना आवश्यक होता है।

पाठ्यक्रम कार्य/परियोजना कार्य के लिए योजना बना रहे विद्यार्थी के लिए

सत्र की संख्या जिसके लिए विदेश में रहना होगाः एक या दो सत्र।

छात्र विनिमय कार्यक्रम का आवेदन, प्रसंस्करण और नामांकन मेजबान विश्वविद्यालय को भेजने के बाद, यदि छात्र अपना आवेदन वापस लेता है, तो उन्हें बाद के सत्र में विनिमय कार्यक्रमों में भाग लेने से वंचित किया जाएगा।

उठाए जाने वाले कदम

(I) आवेदन करते समय

कृपया समझौता ज्ञापन की सूची देखें

आप अपनी यात्रा की योजना इस तरह बनाएं कि भा.प्रौ.सं. मुंबई का शैक्षिक कैलेण्डर कायम रहे।

पाठ्यक्रम कार्य के लिए :

1. आई आर की वेबसाइट से उस विश्वविद्यालय की खोज करें जहां आप जाना चाहेंगे।.

2. उस पाठ्यक्रम की एक सूची बनाएं जो जिस सत्र/वर्ष के विनिमय की अवधि में जाना चाहते हैं उसे भा.प्रौ.सं.मुंबई में आप पढ़ेंगे।

भा.प्रौ.सं पाठ्यक्रम और इसके समतुल्य पाठ्यक्रम स्पष्ट संकेत करते हुए एक तालिका बनाएं। आवेदन में अपना एसपीआई/का उल्लेख करें।

मायनर से संबंधित पाठ्यक्रम, मायनर प्रदान करनेवाले विभाग से आप पूर्व अनुज्ञा अवश्य प्राप्त करें।

ऑनर्स से संबंधित पाठ्यक्रम के लिए मेज़बान संस्थान में समस्तरीय ऑनर्स पाठ्यक्रम के विभागाध्यक्ष की अनुमति आपको अवश्य लेनी होगी।

3. मेज़बान विश्वविद्यालय की साइट पर उस पाठ्यक्रम का चयन करें जो आप वहाँ पढ़ना चाहेंगे। (अपेक्षित पाठ्यक्रम के अलावा 2-3 पाठ्यक्रम का चुनाव करें, ताकि जो आप पाठ्यक्रम पढ़ना चाहते हैं वह नहीं मिले तो आपके पास एक और विकल्प हो।)

परियोजना कार्य के लिएः

1. आपको अपने विभागीय बीटीपी/डीडीपी/एमटीपी गाइड के साथ अनुसंधान कार्य करने के लिए परियोजना की खोज अथवा योजना बनानी होगी।

2. मेज़बान विश्वविद्यालय के उस प्राध्यापक को यह जानने के लिए लिखेंं कि क्या अनुसंधान कार्य के लिए आपको स्वीकार करेंगे। मेज़बान विश्वविद्यालय में आपके गाइड का सम्पर्क मिलेगा और वे अपनी टिप्पणियों के साथ आपका ई-मेल अग्रसारण करने में सहायता करेंगे/संस्तुतियाँ अग्रसारण करने में सहायता करें।

3. मेज़बान प्राध्यापक से स्वीकृति टिप्पणी प्राप्त करने पर पाठ्यक्रम कार्य विद्यार्थी के रूप में निम्नांकित शेष कदम आपको उठाना होगा।

(कदम 4. कदम चार के बाद पाठ्यक्रम कार्य परियोजना/अनुसंधान में कार्य विद्यार्थियों के लिए सामान्य है।

4.विनिमय कार्यक्रम में अपनी अभिरूचि संकेत कर संकायाध्यक्ष अन्तरराष्ट्रीय संबंध को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखें और विभागाध्यक्ष के माध्यम से अग्रसारित कराएं, । इसमें पाठ्यक्रम/परियोजना/अनुसंधान कार्य के लिए स्वीकृति का अनुरोध होना चाहिए कि आप ने जो भा.प्रौ.सं.मुंबई में पाठ्यक्रम/परियोजना व पाठ्यक्रम/परियोजना/अनुसंधान किया है वह इसमें शामिल है। इसके अलावा अपने वर्तमान सी पी आई को दर्शाती ग्रेड पत्र संलग्न करे।

मेज़बान संस्थान की अंतिम तिथि के कम से कम पंद्रह दिन पहले संकायाध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय संबंध के कार्यालय में विभागीय अनुमोदन आ जाना चाहिए।

5. आपके विभागाध्यक्ष से अनुमोदन प्राप्त हो जाने के बाद, संकायाध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय संबंध का कार्यालय आपको मेज़बान संस्थान के अंतरराष्ट्रीय कार्यालय के संपर्क में लाएगा और आपके विनिमय कार्यक्रम के ऑनलाइन आवेदन के लिए लिंक प्रदान करेगा। मेज़बान विश्वविद्यालय को संकायाध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय संबंध के प्रतिहस्ताक्षरित वास्तविक फॉर्म की ज़रूरत होती है, जिसे डाक से भेजा जाता है। इन फॉर्मों पर हस्ताक्षर प्राप्त करने तथा मेज़बान विश्व विद्यालय को डाक से भेजने की जिम्मेदारी विद्यार्थी की है।

( नोट: यदि आवेदनों की संख्या मेज़बान संस्थान में उपलब्ध स्थानों से अधिक हो जाती है तो संकायाध्यक्ष -अन्तरराष्ट्रीय संबंध इनकी सी पी आई के आधार पर विद्यार्थियों का चुनाव बनाएंगे )

इसके साथ ही साथ संकायाध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय संबंध, नामित विद्यार्थी के आवेदन को संयोजक यूजीएपॅक/पीजीएपॅक (यथा लागू हो) अपनी संस्तुति के साथ अग्रसारित करेंगे।

6. विनिमय के लिए नामित हर विद्यार्थी के नामांकन का अंतिम निर्णय मेज़बान संस्थान का होगा ।

शैक्षिक कार्यालय से अनुज्ञा पत्र प्राप्त होने पर ही विनिमय कार्यक्रम के लिए जाने की अनुमति विद्यार्थी को मिलेगी।

7. वित्तः
क) अधिकांश मामलों में विद्यार्थियों को स्वयं ही वित्त का वहन करना होता है। विनिमय विद्यार्थियों की सहायता के लिए भा.प्रौ.सं.मुंबई के पास अभी तक कोई वित्तीय व्यवस्था नहीं है। कुछ विनिमय अनुबंध में वित्तीय व्यवस्था होती है और यह कहाँ उपलब्ध है, इसकी सूचना आईआर वेबसाइट पर दी जाती है।

ख) जैसा कि आई आर की साइट पर उल्लेख किया गया है, कुछ विश्वविद्यालयों में निः शुल्क आवास उपलब्ध है।

ग) कुछ विश्वविद्यालयों ने छात्रवृति / पुरस्कार को एक साथ कर दिया है, जिसके लिए अलग -अलग आवेदन दिए जा सकते हैं।

घ) कुछ विश्वविद्यालय मेंं विद्यार्थियों को अनुसंधान परियोजना सहित उसी परिसर में कुछ पदों पर अंशकालिक रूप से कार्य करने की अनुज्ञा दी जाती है अतः इस विकल्प का उपयोग जीवन -यापन में होने वाले खर्चों के लिए किया जा सकता है। इस प्रकार के पदों को हासिल करने में भा.प्रौ.सं.मुंबई सहायता नहीं देता है। इस प्रकार की माँग स्वयं विद्यार्थी को ही करनी होगी।

(II) विनियम कार्यक्रम में जाने से पहले

1. घोषणा प्रपत्र पर हस्ताक्षर करें और संकायाध्यक्ष,अन्तरराष्ट्रीय कार्यालय में जमा करें।

2. विदेशी विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रस्ताव पत्र की फोटो कॉपी, रिकॉर्ड के लिए अन्तरराष्ट्रीय कार्यालय में जमा करें।

3. विनिमय यात्रा के समय बाहर रहने पर छात्रावास का कमरा अपने लिए रखना चाहते हैं तो छात्रावास इकाई से इसके लिए बातचीत करनी होगी।

4. भा.प्रौ.सं. में सत्र के शुल्क का भुगतान करें।

5. शैक्षिक अनुभाग से यह जाँच कर ले कि कोई अन्य औपचारिकता पूरी करनी है- विनिमय के दौरान छुट्टी, अगला सत्र पंजीयन,इत्यादि ।

(III) मेज़बान विश्वविद्यालय में रहते समय :

1. पाठ्यक्रम योजना में कोई परिवर्तन होने के मामले में, कृपया अपना संकाय सलाहकार से सम्पर्क करें और विभाग के माध्यम से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर लें । इसे शैक्षिक कार्यालय में भेजा जाएगा।

2. शुल्क भुगतान की अवधि के दौरान यदि आप विदेश में रहते हैं तो कृपया समय सीमा के भीतर ही भुगतान करने की व्यवस्था करें ।

3. ग्रेड कार्ड की प्रति भेजने के लिए संकायाध्यक्ष (अन्तरराष्ट्रीय संबंध ) कार्यालय को पता दें। यदि ग्रेड कार्ड आप सीधे प्राप्त करना चाहते हैं तो अन्तरराष्ट्रीय संबंध कार्यालय को पता देने की जरूरत नहीं है। परन्तु रिकॉर्ड के लिए ग्रेड कार्ड की प्रति हमारे पास जमा करें।

(IV) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई में लौटने के बाद :

1.विनिमय यात्रा से लौटने के बाद, विदेशी विश्वविद्यालय के ग्रेड कार्ड के साथ एक पत्र विभागाध्यक्ष को लिखें। विभागाध्यक्ष उस क्रेडिट कार्ड अंतरण को प्रमाणित करते हुए यूजीएपीईसी / पीजीएपी ईसी को उस पत्र को अग्रसारित करेंग ( विभागाध्यक्ष द्वारा पहले दी गई अनुमति की प्रति भी संलग्न करें)

अंतिम किन्तु महत्वपूर्ण, अपनी विनिमय यात्रा का आनंद लें । यहाँ पर जो भी प्रश्न का समाधन नहीं हुआ है उसके बारे निःसंकोच सम्पर्क करें। हमारी शुभकामनाएं !

पीएच.डी छात्र विनिमय के लिए :

अधिकांश समझौता ज्ञापन में अनुसंधान विद्यार्थियों के विनिमय की व्यवस्था होती है। मगर कुछ संस्थान के साथ समझौता ज्ञापन में कुछ विशिष्ट अनुसंधान क्षेत्र ही हैं। समझौता ज्ञापन को पढ़े और देखें कि विशिष्ट क्षेत्र के लिए तो नहीं है। यदि उल्लेख नहीं है तो यह सभी क्षत्रों के लिए खुला है। कुछ समझौता ज्ञापन में विनिमय शोध छात्र के लिए वित्तीय व्यवस्था हो सकती है । अनुसंधान कार्य में सहभागी होनेवाले संस्थान में जाने से पहले पीएच.डी गाइड के अनुमोदन से विभागाध्यक्ष के माध्यम से संकायाध्यक्ष अन्तरराष्ट्रीय संबंध को लिखकर यह प्राप्त किया जा सकता है।

आपकी अनुसंधान योजना आपके पीएच.डी गाइड से अवश्य स्वीकृत होना चाहिए । मेज़बान संस्थान में सह-मार्गदर्शक की तलाश करनी की जिम्मेदारी पीएच.डी छात्र की है और इस पर भा.प्रौ.सं.मुंबई में पीएच.डी गाइड की स्वीकृति जरूरी है। मेज़बान संस्थान में एक संकाय सदस्य को सह मार्गदर्शक के रूप में रखने की इच्छा रखते हैं तो पीएच.डी गाइड को संकायाध्यक्ष, शैक्षिक कार्य की औपचारिक अनुमति लेना आवश्यक है।